sagarmanthanam
Image default
खेल व मनोरंजनन्यूज़शिक्षा

नंदी और इस नदी का क्या है रिश्ता, बहती नदी को देखने क्योँ सुबह से शाम तक पुल पर खड़ा रहता है यह नंदी

सागरमंथन खास बीना। प्राण दायनी मैया बीना नदी की महिमा इसी से जान सकते हैं कि इनको निहारने नंदी महाराज ऐसे आतुर हो जाते हैं कि सुबह से सूरज डूबने तक भापसोन के पुल पर खड़े रहते हैं।

सूरज डूबते ही गांव की ओर वापस चल पड़ते हैं। असल में अब यह नदी को ही मां मान चुके हैं। शुक्रवार को सुबह से शाम तक जब हमने यह नज़ारा देखा कि कोई सांड एक ही मुद्रा में कैसे रुक सकता है। तब आश्चर्य हुआ। 500 मीटर के पुल पर से होते हुए दूसरे किनारे पर बैठे हुए ग्रामीणों से बात की पुल पर बैठे युवाओं ने बताया कि यह आज की बात नहीं है। यह सांड रोज यहाँ आता है। इसके पीछे एक किस्सा भी सुनने मिला जिसकी हम पुष्टि नहीं करते। लेकिन लोगों के अनुसार जब यह बछड़ा था तब से यहां आता है।

Oplus_131072

मालूम हुआ कि बहुत पहले यहां कुछ मवेशी बारिश में बह गए थे। तब से हर रोज अपनी मां की तलाश में यह सिर्फ बारिश के मौसम में यहां आता है। इसके बाद रात होते ही मायूस लौट जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल बारिश के मौसम में आकर खड़ा हो जाता है। आसपास के लोग नंदी महाराज इस भावनात्मक गंभीरता और अलग व्यवहार देखकर आश्चर्य में पड़ जाते हैं।  यह संवेदनाएं यह चमत्कार और प्रकृति से जुड़ाव पशु भी पहचानते हैं। लेकिन यह  अन कहे संवाद सागरमंथन आप तक लेकर आया है।

 

वैसे तो इक आँसू ही बहा कर मुझे ले जाए

ऐसे कोई तूफ़ान हिला भी नहीं सकता

– वसीम बरेलवी

Related posts

रेखा के बेजोड़ अभिनय पर लगा उनकी खूबसूरती और अमिताभ नाम का ग्रहण

admin

ढाबों और गली मोहल्लों में बिकने वाली अवैध शराब कहीं आपकी जान न लेले।

admin

13 साल में महज़ चार महीने में तैयार हुआ बस स्टैंड

admin

Leave a Comment