- कांग्रेस जिला महामंत्री जतिन झा ने सोशल मीडिया पर खुलेआम किया विरोध
- इंदर यादव ने विरोध को बताया व्यक्तिगत
बीना। मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा ब्लॉक अध्यक्षों और शहर अध्यक्षों की घोषणा के बाद संगठन के भीतर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। जारी सूची में बीना ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में इंदर यादव, शहर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अनुराग ठाकुर को दोबारा जिम्मेदारी दी गई है, जबकि खिमलासा में पूरन सिंह कुशवाहा को उप ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया है।
इन नियुक्तियों के बाद कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष सामने आने लगा है। कमलनाथ गुट से जुड़े जिला महामंत्री जतिन झा ने सोशल मीडिया पर खुलकर इन नियुक्तियों का विरोध करते हुए इसे गलत बताया है। अपनी पोस्ट में जतिन झा ने लिखा कि बीना कांग्रेस की इस ब्लॉक नियुक्ति का वे विरोध करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नव नियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष अपने कार्यकाल में कोई उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल नहीं कर सके हैं। संबंधित नेता के पास न तो कांग्रेस को देने के लिए समय है और न ही किसी विरोध प्रदर्शन में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनत के बजाय चाटुकारिता के दम पर उन्हें ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि नव नियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष को युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल सहित किसी भी कांग्रेस प्रकोष्ठ का समर्थन नहीं है।
पोस्ट में एक निष्कासित कार्यकर्ता को आगे बढ़ाने का भी आरोप लगाया गया है। झा की पोस्ट पर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दीनदयाल उपाध्याय ने भी टिप्पणी की है ।
वहीं पूरे मामले में ब्लॉक अध्यक्ष इंदर यादव ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जतिन झा का विरोध पूरी तरह व्यक्तिगत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्कासित बताए जा रहे कार्यकर्ता उनकी नियुक्ति से पहले ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए प्रचार कर चुके हैं और वर्तमान में बीएलए हैं।
इधर कांग्रेस संगठन में यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि इन नियुक्तियों में जातिगत संतुलन का ध्यान नहीं रखा गया। ब्लॉक अध्यक्ष इंदर यादव, शहर अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और खिमलासा उप ब्लॉक अध्यक्ष पूरन सिंह कुशवाहा तीनों ओबीसी वर्ग से आते हैं, जिससे ब्राह्मण सहित अन्य वर्गों की अनदेखी हुई है।

