– शिफ्ट बदलने के दौरान मची अफरा-तफरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
– एक दिन पहले ED ने मौके पर पहुंचकर संभाली थी व्यवस्था
– अगले ही दिन फिर दोहराए गए पुराने हालात
बीना। बीना रिफाइनरी में सुरक्षा और अनुशासन के दावों के बीच बुधवार को गेट पर अव्यवस्था की स्थिति देखने को मिली। शिफ्ट बदलने के समय ड्यूटी के लिए पहुंचे बड़ी संख्या में श्रमिकों को रिफाइनरी में प्रवेश के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। गेट से लेकर पार्किंग क्षेत्र तक श्रमिकों की लंबी कतार लग गई, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह अपनी शिफ्ट में ड्यूटी के लिए पहुंचे 1000 से अधिक श्रमिक प्रवेश प्रक्रिया धीमी होने के कारण गेट के बाहर फंसे रहे। भीड़ बढ़ने के बाद स्थिति बिगड़ने लगी और श्रमिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई कामगारों ने समय पर ड्यूटी शुरू नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई।
ED के निरीक्षण के बाद भी नहीं सुधरे हालात
गौरतलब है कि इसके एक दिन पहले ही BPREP के कार्यकारी निदेशक (ED) ने स्वयं मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बुधवार को फिर से वही स्थिति सामने आने से प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रवेश व्यवस्था को लेकर श्रमिकों में नाराजगी
मौके पर मौजूद श्रमिकों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शिफ्ट बदलने के समय रिफाइनरी गेट पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। श्रमिकों ने कई बिंदुओं पर सवाल उठाए—
बढ़ती संख्या के मुकाबले सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था पर्याप्त नहीं दिखी।
प्रवेश प्रक्रिया धीमी होने से श्रमिकों का समय प्रभावित हो रहा है।
गेट पर भीड़ जमा होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है।
वाहनों की संख्या बढ़ने से पार्किंग व्यवस्था भी चुनौती बन रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
बीना रिफाइनरी एक अति-संवेदनशील औद्योगिक इकाई है, जहां सुरक्षा प्रोटोकॉल सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में प्रवेश द्वार पर लंबे समय तक भीड़ का जमा होना और व्यवस्था प्रभावित होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
श्रमिकों का कहना है कि रिफाइनरी प्रबंधन को शिफ्ट परिवर्तन के समय प्रवेश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि कामगारों को परेशानी न हो और सुरक्षा मानकों का भी पालन बना रहे।
अब प्रबंधन की व्यवस्था पर नजर
बुधवार को सामने आई इस स्थिति के बाद अब देखना होगा कि रिफाइनरी प्रबंधन प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए क्या कदम उठाता है। क्योंकि एक ओर सुरक्षा को लेकर सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गेट पर अव्यवस्था की तस्वीरें व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
