सागर में अनेक धनाढ्य लोग रहे लेकिन किसी ने अच्छा विवि खोलने का नहीं सोचा – शैलेन्द्र जैन
● मध्यप्रदेश का छठवा तो बुंदेलखंड का पहला विवि था एसवीएन – भरत शरण सिंह
ग्रास एनरोलमेंट रेश्यो नई शिक्षा नीति को 2030 तक 50 प्रतिशत करने के लिए संकल्पित हैं। योजना आयोगों की अनुशंसा के आधार पर यह अवसर खुला है।
2010 2011 में प्रदेश से 5 से 6 लोग ही सामने आए। उनमें से आपलोग भी एक थे।

सागर। स्वामी विवेकानंद विवि के 10 वे स्थापना दिवस एवं 9वी वर्षगांठ के रूप में 31 दिसंबर को कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थापक कुलपति डॉ अनिल तिवारी की बेटी ने कालिदास द्वारा रचित देवी कालिका स्तुति का गायन कर आयोजन की शुरू आत की।

अयि गिरि नन्दिनी नन्दिती मेदिनि, विश्व विनोदिनी नन्दिनुते।
गिरिवर विन्ध्यशिरोधिनिवासिनी, विष्णु विलासिनीजिष्णुनुते।।
भगवति हे शितिकण्ठ कुटुम्बिनी, भूरि कुटुम्बिनी भूत कृते।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मप्र निजी विवि विनियामक आयोग के अध्यक्ष भरत शरण सिंह ने की। इस अवसर पर शहर विधायक शैलेन्द्र जैन, कलेक्टर दीपक सिंह कार्यक्रम में मुख्यअतिथि सहित कुलाधिपति डॉ अजय तिवारी, कुलपति स्वामी विवेकानंद विवि उपस्थित थे।
विवि का किया भ्रमण
स्थापना दिवस पर आर्ट गैलरी के शुभारंभ पर सभी अतिथियों ने विवि का भ्रमण किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भरत शरण सिंह निजी विवि विनियामक आयोग के अध्यक्ष हर मामले में एसवीएन को 10 कदम आगे बताया। उन्होनें कहा कि 2010 – 11 में आप ही लोग सामने आए थे, और इस परिकल्पना को साकार किया।
विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि विवि ने करीब पांच हजार रोजगार पैदा किये हैं। सागर में अनेक धनाढ्य लोग रहे लेकिन किसी ने अच्छा विवि खोलने का नहीं सोचा।

कार्यक्रम में संस्थापक कुलपति डॉ अनिल तिवारी ने अपने जन्म दिवस पर इस कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को बताते हुए कहा “कोरोना काल के हम और हमारे स्टाफ ने लोगों को इस महामारी के प्रति जागरूक किया। सेनेटाइजर वितरित किये और हर संभव सहायता लोगों तक पहुंचाते हुए 100 बेड के अस्पताल को कोविड मरीजों के लिए समर्पित किया। उन्होंने शहर विधायक शैलेन्द्र जैन को विधानसभा में 2011 में विवि की बात रखने और क्षेत्र के लोगों को इस विवि के माध्यम से हज़ारों रोजगार प्रदान करने को लेकर धन्यवाद दिया”।

वहीं कलेक्टर दीपक सिंह ने अपने उद्बोधन में एसवीएन विवि द्वारा कोविड अस्पताल प्रदान करने को प्रशासन के सहयोग में एक बड़ा कदम बताया।
